CBSE Class 7 Hindi Grammar कारक
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसका संबंध वाक्य में आए अन्य सभी शब्दों से जाना जाए, उसे कारक कहा जाता है।
कारक को प्रकट करने के लिए संज्ञा या सर्वनाम के साथ जो चिह्न लगाए जाते हैं, उन्हें विभक्ति चिहन या परसर्ग कहते हैं। ‘पर’ का अर्थ है बाद। कारक चिह्न संज्ञा या सर्वनाम के बाद जुड़ते हैं। कारक के निम्नलिखित आठ भेद हैं
- कर्ता कारक – क्रिया करने वाला विभक्ति चिह्न ‘ने’ (कभी-कभी कोई चिहन नहीं)
- कर्म कारक – जिस पर क्रिया का फल (प्रभाव) पड़े ‘को’ (कभी-कभी कोई चिह्न नहीं)
- करण कारक – जिस साधन से क्रिया संपन्न हो ‘से’ (के द्वारा)
- संप्रदान कारक – जिसके लिए क्रिया हो ‘को, के लिए
- अपादान कारक – जिसमें पृथक होने का भाव हो ‘से’ (पृथकता दिखाना अलग होना)
- संबंध कारक – जिससे अन्य पदों से संबंध ज्ञात हो ‘का, की के। रा, री, रे’
- अधिकरण कारक – क्रिया होने का आधार या स्थान में, पर।
- संबोधन कारक – जिससे संबोधित किया जाए ‘हे! अरे !’
कारक, कारक चिह्न, परसर्ग समझने के लिए निम्नलिखित तालिका देखें।
- कर्ता – आयुष ने पुस्तक पढ़ी।।
- कर्म – ओजस्व ने आयुष को पुस्तक दी।
- करण – माँ चाकू से सब्जी काटती है।
- संप्रदान – मनोज ने ओजस्व के लिए खिलौने लाए।
- अपादान – पेड़ से फल गिर रहे हैं।
- अपादान – यह घर अंशु का है।
नेहा के पिता लेखक हैं।
विनोद की बहन अच्छा नाचती है। - अधिकरण – पतीले में दूध रखा है। रस्सी पर कपड़े सूख रहे हैं।
- संबोधन – हे ईश्वर ! मेरा काम पूरा कर देना ।
अरे! उधर तेज़ धार में मत जाना।
विशेष ध्यान देने की बात
- कारक लगने पर संज्ञा, सर्वनाम तथा विशेषण तीनों का रूप बदल जाता है।
जैसे—वह लड़का (मूल रूप)
उस लड़के ने (कारक लगने पर) - करण कारक तथा अपादान कारण में से परसर्ग प्रयुक्त होता है, परंतु दोनों ही में ‘से’ का प्रयोग अलग अर्थ देता है।
जैसे- मैं कलम से लिखती हूँ (करण कारक)
गंगा हिमालय से निकलती है। (अपादान कारक)
बहुविकल्पी प्रश्न
1. कारक कहलाते हैं
(i) संज्ञा को क्रिया से जोड़ने वाला शब्द
(ii) सर्वनाम को क्रिया से जोड़ने वाले शब्द
(iii) संज्ञा या सर्वनाम को क्रिया से जोड़ने वाले चिहन
(iv) इनमें से कोई नहीं
2. कारक के भेद होते हैं
(i) दो
(ii) चार
(iii) छह
(iv) आठ
3. किस कारक को विभक्ति से होती है
(i) करण और कर्म की
(ii) अधिकरण व अपादान की
(iii) करण व अपादान की
(iv) कर्ता व करण की
4. का, के, की चिहन है
(i) संबंध कारक का
(ii) अपादान कारक का
(iii) अधिकरण कारक का
(iv) संबोधन कारक का
5. ‘संप्रदान कारक’ का विभक्ति चिह्न है
(i) का, के, की
(ii) में, पर
(iii) के लिए
(iv) ने
6. संबोधन कारक के साथ किस चिहन का प्रयोग होता है
(i) !
(ii) :
(ii) ?
(iv) |
7. कौन-सा कारक चिह्न (परसर्ग) दो कारकों में प्रयोग होता है?
(i) ने
(ii) में, पर
(iii) के लिए
(iv) से
8. वाक्य में जिसकी सहायता से कार्य किया जाता है, उसे …………….. कारक कहते हैं?
(i) कर्म
(ii) करण
(iii) संबोधन
(iv) संबंध
उत्तर-
1. (iii)
2. (iv)
3. (iii)
4. (i)
5. (iii)
6. (i)
7. (iv)
8. (ii)
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